शंकराचार्य जी का शासनतंत्र को निर्देश


किसानों द्वारा आत्महत्या के सन्दर्भ में पूरी शंकराचार्य जी का शासनतंत्र को निर्देश

सद्भावपूर्ण सम्वाद के माध्यम से सैद्धान्तिक सामंजस्य साधने में शासनतंत्र की असमर्थता के कारण किसान आत्महत्या करने के लिए बाध्य होते हैं और उग्र आंदोलन कर मृत्यु के ग्रास बनते हैं । शासनतंत्र का यह दायित्व है कि, वह राष्ट्र के उत्कर्ष की भावना से सनातन परम्परा प्राप्त कृषि विज्ञान की उपयोगिता को समझ कर अविलंब उसे क्रियान्वित करें । कृषि, गौरक्ष्य और वाणिज्य तथा लघु उद्योगको अर्थ का स्रोत समझ कर इन्हें सुव्यवस्थित करें ।

-पूर्वाम्नाय श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज